Ends in: —d —h —m

Check Eligibility
Skip to main content
हिंदी गाइड

बिजली का बिल कैसे पढ़ें

अपने UP DISCOM बिजली बिल के हर हिस्से को समझें — स्लैब दरें, शुल्क, और सोलर से बचत। 2026 अपडेटेड गाइड।

बिजली बिल के मुख्य भाग

UP DISCOM (LESA, KESCO, PVVNL, DVVNL, MVVNL) का बिजली बिल कई हिस्सों में बँटा होता है। नीचे हर भाग को विस्तार से समझाया गया है:

Consumer Number (K-नंबर)

आपका यूनिक 10-12 अंकों का अकाउंट नंबर। ऑनलाइन पेमेंट और शिकायत के लिए जरूरी।

मीटर रीडिंग (पिछली और वर्तमान)

पिछली और वर्तमान रीडिंग का अंतर = इस महीने की खपत (kWh यूनिट में)।

Energy Charges (ऊर्जा शुल्क)

खपत की गई यूनिट्स पर स्लैब-वाइज लगने वाला मुख्य शुल्क। सबसे बड़ा हिस्सा।

Fixed Charges (फिक्स्ड शुल्क)

Sanctioned load (kW) के आधार पर — चाहे बिजली इस्तेमाल हो या न हो।

Electricity Duty (विद्युत शुल्क)

UP सरकार का 5% टैक्स जो energy charges पर लगता है।

Meter Rent (मीटर किराया)

₹20-25/माह मीटर का किराया। स्मार्ट मीटर के लिए ₹60-80/माह।

अन्य शुल्क (Surcharges)

फ्यूल एडजस्टमेंट, pension surcharge, अन्य state levies।

कुल देय राशि (Total Payable)

सभी शुल्कों का योग + लेट पेमेंट सरचार्ज (1.5%/माह अगर देर हो)।

स्लैब-वाइज बिलिंग (Telescopic Billing)

UP में बिजली बिल telescopic (स्लैब-वाइज) तरीके से बनता है। इसमें पहली कुछ यूनिट सस्ती होती हैं और जैसे-जैसे खपत बढ़ती है, दर भी बढ़ती जाती है।

UP घरेलू बिजली दरें 2026 (UPERC)
स्लैब (यूनिट)दर (₹/यूनिट)खर्च (इस स्लैब का)
0 - 100₹3.50₹350
101 - 150₹4.00₹200
151 - 200₹5.00₹250
201 - 300₹6.00₹600
301 - 400₹6.50
400+₹7.00
उदाहरण: 350 यूनिट खपत का बिल कैसे बनता है?
0-100 यूनिट = 100 x ₹3.50₹350
101-150 यूनिट = 50 x ₹4.00₹200
151-200 यूनिट = 50 x ₹5.00₹250
201-300 यूनिट = 100 x ₹6.00₹600
301-350 यूनिट = 50 x ₹6.50₹325
कुल Energy Charges₹1,725

* इसमें fixed charges, electricity duty (5%), और meter rent अलग से जुड़ेंगे।

Fixed Charges vs Energy Charges

Fixed Charges (फिक्स्ड शुल्क)

यह शुल्क आपके sanctioned load (kW) के आधार पर लगता है, चाहे बिजली इस्तेमाल हो या न हो।

  • 1kW लोड: ~₹65/माह
  • 2kW लोड: ~₹130/माह
  • 5kW लोड: ~₹325/माह

सोलर लगाने पर भी fixed charges देने होते हैं।

Energy Charges (ऊर्जा शुल्क)

यह आपकी वास्तविक बिजली खपत (kWh) पर स्लैब दरों से गिना जाता है।

  • बिल का सबसे बड़ा हिस्सा (70-80%)
  • स्लैब-वाइज बढ़ती दरें
  • सोलर से यही हिस्सा सबसे ज्यादा कम होता है

Net metering से energy charges शून्य तक हो सकते हैं।

अतिरिक्त शुल्क (Additional Charges)

Energy charges और fixed charges के अलावा, बिल में कुछ और शुल्क भी जुड़ते हैं:

Electricity Duty — 5%

UP सरकार द्वारा लगाया जाने वाला टैक्स। कुल energy charges का 5%। सोलर से energy charges कम होने पर duty भी कम।

Meter Rent — ₹20-25/माह

DISCOM के मीटर का मासिक किराया। स्मार्ट मीटर के लिए ₹60-80/माह (5 साल तक)।

Fuel Surcharge Adjustment (FSA)

ईंधन की कीमतों में बदलाव के अनुसार adjust होने वाला शुल्क। सकारात्मक या नकारात्मक हो सकता है।

Late Payment Surcharge — 1.5%/माह

बिल की due date के बाद भुगतान करने पर 1.5% मासिक सरचार्ज लगता है।

बिल कैसे वेरिफाई करें

अपने बिल की गणना खुद जाँचने के लिए ये स्टेप्स फॉलो करें:

1

वर्तमान मीटर रीडिंग में से पिछली रीडिंग घटाएँ = खपत यूनिट

2

खपत यूनिट पर स्लैब दरें लगाएँ = Energy Charges

3

Sanctioned load के आधार पर Fixed Charges जोड़ें

4

Energy Charges पर 5% Electricity Duty जोड़ें

5

Meter rent (₹20-25) और अन्य surcharges जोड़ें

6

कुल योग = आपका बिल। बिल से मिलान करें।

ध्यान दें: अगर आपका बिल गलत लग रहा है, तो अपने DISCOM ऑफिस में consumer number के साथ शिकायत दर्ज करें। KESCO और LESA की ऑनलाइन शिकायत पोर्टल भी है।

सोलर से बिजली बिल कैसे कम करें

सोलर पैनल लगाने पर net metering के जरिए आपकी बिजली खपत ग्रिड से कम हो जाती है, जिससे बिल काफी घट जाता है।

बिना सोलर (350 यूनिट/माह)
Energy Charges₹1,725
Fixed Charges (3kW)₹195
Electricity Duty (5%)₹86
Meter Rent₹25
कुल बिल₹2,031/माह
3kW सोलर के साथ (Net Metering)
सोलर जनरेशन~375 यूनिट/माह
Net खपत~0 यूनिट
Energy Charges₹0
Fixed + Duty + Rent~₹150
कुल बिल~₹150/माह

बचत: 3kW सोलर सिस्टम से हर महीने ~₹1,880 की बचत — यानी सालाना ₹22,560+ की बचत। PM Surya Ghar सब्सिडी के बाद सिस्टम की लागत 4-5 साल में वापस आ जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

बिजली बिल में consumer number कहाँ मिलता है?
आपका consumer number (K-नंबर) बिल के ऊपरी हिस्से में आपके नाम और पते के पास छपा होता है। यह 10-12 अंकों का यूनिक नंबर है जो आपके DISCOM (LESA, KESCO, PVVNL आदि) द्वारा जारी किया जाता है। ऑनलाइन भुगतान और शिकायत के लिए यह नंबर जरूरी है।
UP में telescopic (स्लैब-वाइज) बिलिंग क्या है?
Telescopic बिलिंग में अलग-अलग यूनिट स्लैब पर अलग-अलग दर लगती है। पहली 100 यूनिट सबसे सस्ती होती हैं, और जैसे-जैसे खपत बढ़ती है, दर भी बढ़ती है। यह flat-rate बिलिंग से अलग है — यहाँ कम बिजली इस्तेमाल करने वालों को फायदा होता है।
गर्मियों में बिजली का बिल ज्यादा क्यों आता है?
गर्मियों में AC, कूलर और पंखों की वजह से बिजली खपत बढ़ जाती है। Telescopic बिलिंग में ज्यादा यूनिट महंगे स्लैब (301-500 यूनिट ₹6.50/यूनिट बनाम 0-100 यूनिट ₹3.50/यूनिट) में चली जाती हैं। 3kW सोलर सिस्टम गर्मियों की ज्यादातर खपत ऑफसेट कर सकता है।
electricity duty क्या है और यह क्यों लगता है?
Electricity duty राज्य सरकार का 5% टैक्स है जो कुल energy charges पर लगता है। यह UP सरकार द्वारा अनिवार्य है और DISCOMs द्वारा वसूला जाता है। सोलर से energy charges कम होने पर यह duty भी proportionally कम हो जाती है।
क्या सोलर पैनल से बिजली का बिल शून्य हो सकता है?
हाँ, net metering के साथ सही साइज का सोलर सिस्टम लगाने पर बिल लगभग शून्य हो सकता है। आपको सिर्फ minimum fixed charges (लगभग ₹100-150/माह) देने होते हैं। अतिरिक्त सोलर बिजली ग्रिड में एक्सपोर्ट होती है और आपकी खपत के बदले क्रेडिट मिलता है।

Ready to Go Solar?

Get a detailed quote with free site survey from our UPNEDA-registered team.

Useful next steps for homeowners and businesses comparing rooftop solar in Uttar Pradesh.