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प्रीपेड और पोस्टपेड बिजली मीटर की पूरी तुलना। सोलर net metering के लिए कौन सा मीटर बेहतर है? जानें हिंदी में।
प्रीपेड मीटर मोबाइल रिचार्ज की तरह काम करता है — पहले बैलेंस भरो, फिर बिजली इस्तेमाल करो। बैलेंस खत्म होने पर बिजली कट जाती है और रिचार्ज करने पर ऑटोमैटिक चालू हो जाती है।
अग्रिम भुगतान
पहले पैसे भरो, फिर बिजली इस्तेमाल करो। कोई मासिक बिल नहीं।
रियल-टाइम बैलेंस
मीटर डिस्प्ले या ऐप में बचा हुआ बैलेंस देख सकते हैं।
कोई late payment सरचार्ज नहीं
अग्रिम भुगतान से 1.5%/माह सरचार्ज से बचत।
Net metering सीमित
सोलर export credit settlement अभी पूरी तरह supported नहीं।
पोस्टपेड मीटर पारंपरिक बिलिंग सिस्टम है — पहले बिजली इस्तेमाल करो, फिर महीने के अंत में बिल आता है। सोलर net metering के लिए यही सबसे अच्छा विकल्प है।
मासिक बिलिंग
महीने भर बिजली इस्तेमाल करें, बिल बाद में आता है।
Net metering सपोर्ट
Bidirectional मीटर से सोलर export credits पूरी तरह supported।
Security deposit जरूरी
कनेक्शन लेते समय security deposit देना होता है।
Late payment सरचार्ज
Due date बाद भुगतान पर 1.5%/माह सरचार्ज लगता है।
| पैरामीटर | Prepaid | Postpaid |
|---|---|---|
| भुगतान का तरीका | अग्रिम (रिचार्ज) | बाद में (मासिक बिल) |
| प्रति-यूनिट दर | समान | समान |
| Security Deposit | नहीं लगता | लगता है |
| Late Payment सरचार्ज | नहीं (अग्रिम भुगतान) | 1.5%/माह |
| बिजली कटौती | बैलेंस शून्य पर ऑटो-कट | बिल न भरने पर मैन्युअल कट |
| Net Metering सपोर्ट | सीमित / विकसित हो रहा | पूर्ण सपोर्ट |
| सोलर Export Credit | जटिल settlement | सरल मासिक settlement |
| सोलर के लिए सिफारिश | अनुशंसित नहीं | सर्वोत्तम विकल्प |
अगर आप सोलर पैनल लगवाना चाहते हैं तो postpaid मीटर ही चुनें। इसकी वजहें:
पूर्ण Net Metering सपोर्ट
DISCOM bidirectional स्मार्ट मीटर लगाता है जो import और export दोनों ट्रैक करता है। हर महीने export credits को import से एडजस्ट किया जाता है।
सरल Credit Settlement
अगर आपने 350 यूनिट खपत की और 375 यूनिट सोलर से बनाईं, तो net = -25 यूनिट। अगले महीने 25 यूनिट का credit मिलेगा।
अधिकतम बचत
Postpaid + net metering से energy charges शून्य तक हो सकते हैं। सिर्फ fixed charges (~₹100-150/माह) देने होते हैं।
ध्यान दें: अगर आपके पास पहले से prepaid मीटर है और सोलर लगवाना चाहते हैं, तो net metering आवेदन के दौरान DISCOM खुद postpaid bidirectional मीटर लगा देगा। आपको अलग से स्विच करने की जरूरत नहीं है।
Net metering में आपका bidirectional मीटर दो काउंटर रखता है:
जब सोलर बंद हो (रात, बादल) या खपत सोलर उत्पादन से ज्यादा हो, तो ग्रिड से बिजली आती है।
Import register में यह यूनिट्स रिकॉर्ड होती हैं।
जब सोलर उत्पादन घर की खपत से ज्यादा हो, तो अतिरिक्त बिजली ग्रिड में जाती है।
Export register में ये यूनिट्स रिकॉर्ड होती हैं और आपको credit मिलता है।
गणना: बिल = Import यूनिट - Export यूनिट = Net यूनिट। अगर Net नेगेटिव है, तो credit अगले महीने कैरी ओवर होता है। साल के अंत में बचे credits के लिए DISCOM ~₹2-3/यूनिट भुगतान करता है।
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